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बड़ी खबर! Starlink India की कीमत हुई तय, क्या सच में बदल देगा ग्रामीण भारत की तस्वीर? जानें सब कुछ!
Starlink India: भारत में इंटरनेट क्रांति का नया अध्याय?
एलन मस्क (Elon Musk) की कंपनी स्टारलिंक (Starlink) भारत में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट (Satellite Internet India) सेवाएँ शुरू करने के बेहद करीब है, और यह खबर देश के डिजिटल परिदृश्य को हमेशा के लिए बदल सकती है! खासकर उन दूरदराज के ग्रामीण इलाकों (ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट) के लिए जहाँ अभी भी तेज़ इंटरनेट एक सपना है. आज, 8 दिसंबर 2025 को, स्टारलिंक ने अपनी भारतीय वेबसाइट पर रेजिडेंशियल प्लान की कीमतों का खुलासा कर दिया है, जिससे भारत में इसके लॉन्च की अटकलें और तेज़ हो गई हैं.
Starlink की कीमत और प्लान: कितना करना होगा खर्च?
स्टारलिंक इंडिया (Starlink India) की वेबसाइट के अनुसार, रेजिडेंशियल प्लान की मासिक लागत ₹8,600 होगी. इसके अलावा, आपको एक बार ₹34,000 का हार्डवेयर किट भी खरीदना होगा. यह प्लान अनलिमिटेड डेटा, 30-दिन का ट्रायल, 99.9% अपटाइम और खराब मौसम में भी बेहतरीन कनेक्टिविटी का वादा करता है. कंपनी का दावा है कि इसका सेटअप भी बेहद आसान है – बस प्लग इन करें और इस्तेमाल करना शुरू कर दें!
Starlink भारत में कब आएगा? लाइसेंस और मंज़ूरी का स्टेटस
स्टारलिंक भारत में अपनी सेवाओं को पूरी तरह से शुरू करने के लिए कई नियामक बाधाओं को पार कर चुका है. जुलाई 2025 में, कंपनी को दूरसंचार विभाग (DoT) से वाणिज्यिक सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेवाओं (Satellite Broadband Services) के संचालन के लिए पांच साल का लाइसेंस मिला था. इसके बाद, गृह मंत्रालय और भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACe) से भी मंज़ूरी मिल चुकी है. हालांकि, स्टारलिंक की वेबसाइट पर अभी भी 'नियामक मंज़ूरी लंबित' (Pending Regulatory Approval) दिखाया जा रहा है, लेकिन संकेत हैं कि अंतिम औपचारिक लॉन्च जल्द ही हो सकता है.
ग्रामीण भारत के लिए गेम चेंजर? Starlink का असली लक्ष्य
एलन मस्क ने खुद कहा है कि स्टारलिंक का मुख्य लक्ष्य उन दूरदराज के और कम आबादी वाले क्षेत्रों में इंटरनेट पहुँचाना है जहाँ पारंपरिक फाइबर और मोबाइल नेटवर्क नहीं पहुँच पाते. महाराष्ट्र सरकार ने तो स्टारलिंक के साथ साझेदारी भी कर ली है ताकि दूरस्थ जिलों में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएँ लाई जा सकें. यह भारत के डिजिटल डिवाइड (भारत में डिजिटल डिवाइड) को पाटने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा.
Starlink vs Jio Fibre और Airtel Xstream: मुकाबला कैसा होगा?
भारत में पहले से ही Jio-SES और Eutelsat OneWeb जैसे सैटेलाइट संचार क्षेत्र के खिलाड़ी मौजूद हैं. शहरी क्षेत्रों में, स्टारलिंक को JioFiber और Airtel Xstream जैसे पारंपरिक ब्रॉडबैंड प्रदाताओं से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा, जहाँ फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क तेज़ गति और अधिक किफायती दरों की पेशकश करते हैं. स्टारलिंक की उच्च लागत शहरी उपभोक्ताओं के लिए एक चुनौती हो सकती है, लेकिन ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में, यह एक जीवन रेखा साबित हो सकती है जहाँ कोई अन्य विकल्प उपलब्ध नहीं है.
भविष्य की तैयारी: इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार
स्टारलिंक चंडीगढ़, हैदराबाद, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई और नोएडा सहित कई शहरों में गेटवे अर्थ स्टेशन (Gateway Earth Stations) स्थापित करने की तैयारी कर रहा है. कंपनी बेंगलुरु कार्यालय के लिए भी भर्तियां कर रही है, जो भारत में इसकी बढ़ती उपस्थिति का संकेत है. ये सभी कदम भारत में स्टारलिंक के एक बड़े और स्थायी प्रभाव का वादा करते हैं, जो न केवल कनेक्टिविटी में सुधार करेगा बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा.
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