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अजित पवार का निधन: अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब, PM मोदी भी हुए भावुक

अजित पवार का निधन महाराष्ट्र की राजनीति के लिए एक ऐसा झटका है जिससे उबरने में दशकों लग जाएंगे। 29 जनवरी 2026 का यह दिन इतिहास में काले अक्षरों में लिखा जाएगा, जब राज्य ने अपने सबसे कद्दावर और जुझारू नेताओं में से एक को हमेशा के लिए खो दिया। बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में चल रहे अंतिम संस्कार (Funeral) में लाखों की भीड़ और नम आँखें यह बताने के लिए काफी हैं कि 'दादा' का जाना लोगों के लिए कितना बड़ा व्यक्तिगत नुकसान है।

कल, यानी 28 जनवरी की सुबह एक विमान हादसे ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। आज जब उनका पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो रहा है, तो न केवल एनसीपी (NCP) बल्कि विरोधी दलों के नेता भी अपने आँसू नहीं रोक पा रहे हैं। इस विशेष रिपोर्ट में, हम आपको इस दुखद घटना और आज के अंतिम संस्कार की पल-पल की जानकारी दे रहे हैं।

कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा? (Plane Crash Details)

28 जनवरी 2026 की सुबह लगभग 8:45 बजे, मुंबई से बारामती जा रहा बॉम्बार्डियर लियरजेट 45 (Bombardier Learjet 45) विमान लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया। अजित पवार का निधन मौके पर ही हो गया था, जिसने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर कर रख दिया। डीजीसीए (DGCA) की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, खराब मौसम और विजिबिलिटी कम होने के कारण पायलट को रनवे ठीक से दिखाई नहीं दिया, और दूसरे प्रयास (Go-around) के दौरान यह हादसा हुआ।

हादसे में अजित पवार के साथ चार अन्य लोगों की भी जान गई, जिनमें उनके निजी सुरक्षा अधिकारी और विमान के क्रू मेंबर्स शामिल थे। यह खबर जंगल की आग की तरह फैली और कुछ ही मिनटों में बारामती का माहौल गमगीन हो गया।


विवरण (Details)जानकारी (Information)
घटना की तारीख28 जनवरी 2026 (बुधवार)
समयसुबह 8:45 बजे (IST)
विमान का प्रकारBombardier Learjet 45
स्थानबारामती एयरपोर्ट के पास
मृतकों की संख्या5 (अजित पवार, पायलट सुमित कपूर, को-पायलट शांभवी पाठक, PSO और फ्लाइट अटेंडेंट)

अजित पवार अंतिम संस्कार: बारामती में उमड़ा जनसैलाब

आज, 29 जनवरी को दोपहर 12:00 बजे के करीब, अजित पवार का निधन और उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया ने बारामती को आंसुओं के समंदर में बदल दिया है। विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड, जहाँ उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था, वहाँ तिल रखने की भी जगह नहीं बची है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री समेत देश के दिग्गज नेता 'दादा' को अंतिम विदाई देने पहुँचे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अजित पवार के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित करते हुए उन्हें "जनता का नेता" बताया। भीड़ में "अजित दादा अमर रहें" और "परत या दादा" (वापस आओ दादा) के नारे गूँज रहे हैं, जो माहौल को और भी भावुक बना रहे हैं। यह दृश्य बताता है कि अजित पवार ने बारामती के विकास के लिए जो काम किया, वह लोगों के दिलों में हमेशा जीवित रहेगा।

अजित दादा के बिना महाराष्ट्र की राजनीति

अजित पवार का निधन केवल एनसीपी के लिए नहीं, बल्कि महायुति गठबंधन के लिए भी एक अपूरणीय क्षति है। उनकी कार्यशैली (Working Style) अपनी बेबाकी और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता के लिए जानी जाती थी। सुबह 6 बजे से काम शुरू करने वाले और फाइलों का निपटारा तुरंत करने वाले नेता के रूप में उनकी पहचान थी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके जाने से महाराष्ट्र की राजनीति में जो शून्य पैदा हुआ है, उसे भरना असंभव है। मराठा समुदाय और किसानों के बीच उनकी जो पकड़ थी, वह बेमिसाल थी।

हादसे की जाँच और सवाल

विमानन मंत्रालय ने इस दुर्घटना की उच्च स्तरीय जाँच के आदेश दे दिए हैं। विमान का ब्लैक बॉक्स (Black Box) बरामद कर लिया गया है, जिससे आखिरी पलों की बातचीत का पता चलेगा। सवाल उठ रहे हैं कि खराब मौसम की चेतावनी के बावजूद लैंडिंग का जोखिम क्यों उठाया गया? क्या यह तकनीकी खराबी थी या मानवीय भूल? DGCA की रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आ पाएगी।

अंत में, अजित पवार न केवल एक राजनेता थे, बल्कि एक ऐसे प्रशासक थे जिन्होंने विकास की नई परिभाषा लिखी। उनका जाना 2026 की सबसे दुखद घटनाओं में से एक है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।

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