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🔥 23 दिसंबर का सबसे बड़ा धमाका: सोने ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, क्या अब ₹1.5 लाख के पार जाएगा भाव?

लीड स्टोरी: सोने की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल

नई दिल्ली/न्यूयॉर्क, 23 दिसंबर 2025: वैश्विक बाजारों में आज सोने ने एक नया और ऐतिहासिक अध्याय लिख दिया है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती और गहराते भू-राजनीतिक तनाव के बीच, सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतें $4,400 प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गई हैं। यह अब तक का सर्वकालिक उच्च स्तर (All-Time High) है।

भारत में भी इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है, जहां मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और सर्राफा बाजारों में कीमतें ₹1,40,000 प्रति 10 ग्राम (अनुमानित) के करीब पहुंच चुकी हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यह तेजी महज एक बुलबुला नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में आ रहे बड़े बदलावों का संकेत है।

क्यों आई सोने में यह तूफानी तेजी?

इस अभूतपूर्व उछाल के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण माने जा रहे हैं:

1. अमेरिकी फेडरल रिजर्व का रुख

दिसंबर 2025 में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में नरमी के संकेतों ने डॉलर को कमजोर किया है। जब डॉलर कमजोर होता है, तो सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों (Safe-haven assets) की मांग बढ़ जाती है। निवेशक बॉन्ड की जगह सोने में पैसा लगाना ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं।

2. सेंट्रल बैंकों की भारी खरीदारी

चीन, भारत और रूस जैसे देशों के केंद्रीय बैंक लगातार अपने गोल्ड रिजर्व को बढ़ा रहे हैं। जेपी मॉर्गन (J.P. Morgan) और गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) की ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेंट्रल बैंकों की यह भूख कीमतों को नीचे नहीं आने दे रही है। यह 'डी-डॉलराइजेशन' (De-dollarization) की तरफ बढ़ता एक बड़ा कदम है।

3. भू-राजनीतिक अस्थिरता

मध्य पूर्व और पूर्वी यूरोप में चल रहे तनाव ने निवेशकों को जोखिम भरी संपत्तियों से दूर कर दिया है। अनिश्चितता के इस दौर में सोना ही एकमात्र 'असली पैसा' नजर आ रहा है।

भारत पर क्या होगा असर?

भारत, जो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोने का उपभोक्ता है, पर इसका गहरा असर पड़ रहा है:

  • शादियों का बजट बिगड़ा:भारत में अभी शादियों का सीजन चल रहा है। कीमतों में इस अचानक उछाल ने आम आदमी के बजट को पूरी तरह से बिगाड़ दिया है। ज्वैलर्स का कहना है कि लोग अब भारी गहनों की जगह हल्के (lightweight) आभूषणों को तरजीह दे रहे हैं।
  • निवेशकों की चांदी: जिन्होंने 2024 या 2025 की शुरुआत में सोने में निवेश किया था, वे अब भारी मुनाफे में हैं। पोर्टफोलियो में सोने की चमक ने शेयर बाजार की अस्थिरता को संतुलित कर दिया है।
  • आगे क्या: क्या $5,000 है अगला लक्ष्य?

    बाजार विशेषज्ञों की राय बंटी हुई है, लेकिन झुकाव तेजी की तरफ ही है।

  • बुलिश नजरिया: कई वैश्विक विश्लेषकों का मानना है कि अगर मौजूदा आर्थिक स्थितियां बनी रहीं, तो 2026 की पहली तिमाही तक सोना  $5,000 प्रति औंस के स्तर को भी छू सकता है।
  • सावधानी:हालांकि, कुछ जानकारों का कहना है कि इतनी तेज बढ़त के बाद बाजार में थोड़ी मुनाफावसूली (Profit booking) आ सकती है, जिससे कीमतों में मामूली गिरावट संभव है।
  • निष्कर्ष: 23 दिसंबर 2025 का दिन कमोडिटी बाजार के इतिहास में दर्ज हो गया है। सोने की यह चमक बता रही है कि अनिश्चितता के इस दौर में 'किंग गोल्ड' का राज अभी खत्म नहीं होने वाला है।

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