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🔥 बांग्लादेश में क्रूरता की हदें पार: हिंदू युवक को जिंदा जलाया, भारत ने दिया अब तक का सबसे कड़ा जवाब!

भारत का सब्र टूटा: बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार को लेकर MEA ने लगाई क्लास

नई दिल्ली/ढाका: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं के खिलाफ जारी हिंसा पर भारत ने आज (26 दिसंबर, 2025) अब तक का सबसे कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने बांग्लादेशी हिंदू युवक दीपु चंद्र दास की बर्बर हत्या पर गहरा आक्रोश जताते हुए इसे 'अस्वीकार्य' बताया है।

क्या है पूरा मामला? (The Shocking Incident)

बांग्लादेश के मैमनसिंह (Mymensingh) में 27 वर्षीय गारमेंट वर्कर दीपु चंद्र दास की भीड़ ने ईशनिंदा (Blasphemy) के झूठे आरोप में पीट-पीटकर हत्या कर दी। दरिंदगी यहीं नहीं रुकी—भीड़ ने उसे पेड़ से लटकाया और फिर जिंदा जला दिया। स्थानीय पुलिस और रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) की जांच में अब पुष्टि हुई है कि दीपु के खिलाफ ईशनिंदा का कोई सबूत नहीं मिला था। यह पूरी घटना महज अफवाह पर आधारित थी।

भारत की दो टूक: 'झूठा नैरेटिव बंद करो'

MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ शब्दों में कहा, *"बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ 'लगातार शत्रुता' (Unremitting Hostility) चिंता का गंभीर विषय है। हम इस झूठे नैरेटिव को खारिज करते हैं कि ये घटनाएं सिर्फ राजनीतिक हैं या मीडिया की अतिशयोक्ति हैं।"*

भारत ने स्पष्ट किया है कि युनूस सरकार के कार्यकाल में अब तक 2,900 से अधिक हिंसा, आगजनी और जमीन कब्जाने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। भारत ने दोषियों के खिलाफ तुरंत और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

गिरफ्तारियां और माहौल

दबाव के बाद, बांग्लादेश पुलिस ने इस मामले में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, वहां का माहौल अभी भी तनावपूर्ण है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद से पूरा बांग्लादेश सुलग रहा है।

निष्कर्ष: भारत का यह बयान कूटनीतिक गलियारों में एक बड़ी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। क्या बांग्लादेश की अंतरिम सरकार अब हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर पाएगी? यह बड़ा सवाल बना हुआ है।

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